अचला सप्तमी / सौर सप्तमी व्रत (आरोग्यता, सूर्य ग्रह शांति और आत्मबल प्राप्ति के लिए) अचला सप्तमी का माहात्म्य ऐसा शास्त्र वर्णित है कि सूर्य नारायण के लिए अचला सप्तमी का व्रत करना चाहिए। इस दिन सूर्य भगवान् को गंगा जल से अर्ध्य दान करने का बड़ा माहात्म्य माना गया है। प्राचीन ज्योतिष शास्त्र और […]
बसंत पंचमी पर्व का माहात्म्य और क्यों मनाते हैं पौराणिक संदर्भ
बसंत पंचमी पर्व (पाप दोष मुक्ति, विद्या, ज्ञान और ललित कलाओं में दक्षता प्राप्ति के लिए) बसंत पंचमी पर्व का माहात्म्य यह दिवस ऋतुराज बसंत के आगमन का प्रथम दिन माना जाता है। हमारे धार्मिक ग्रंथों में बसंत को ऋतुरात अर्थात सब ऋतुओं का राजा माना गया है। बसंत पंचमी, बसंत ऋतु का एक प्रमुख […]
ॐ जय करवा मैया – करवा चौथ की आरती
करवा चौथ की आरती ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया … ॐ जय करवा मैया। सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी। यह तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी … ॐ जय करवा मैया। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, तो नारी व्रत करती। दीर्घायु पति होवे, दुख […]
करवा चौथ / करक चतुर्थी व्रत कथा पूजन विधि एवं माहात्म्य
करवा चौथ / करक चतुर्थी व्रत (स्त्रियों का व्रत – पति की मंगलकामना और अखंड सौभाग्य प्राप्त करने के लिए) करवा चौथ व्रत का माहात्म्य यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। यह व्रत सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा अपने अखंड सौभाग्य (सुहाग), पति के स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की मंगल […]
मौनी अमावस्या व्रत कथा पूजन विधि एवं माहात्म्य
मौनी अमावस्या व्रत (सभी पापों की मुक्ति हेतु) मौनी अमावस्या व्रत का माहात्म्य माघ माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस दिन मौन रहना चाहिए। इस व्रत को मौन धारण करके समापन करने वाले को मुनि पद की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन मौन व्रत रखकर मन को संयम […]
संकष्ट श्री गणेश चतुर्थी व्रत कथा, पूजन विधि-विधान एवं माहात्म्य
संकष्ट श्रीगणेश चतुर्थी व्रत (संकट टालने के लिए) संकष्ट श्रीगणेश चतुर्थी व्रत का माहात्म्य भविष्य पुराण में ऐसा कहा गया है कि जब-जब मनुष्य भारी कष्ट में हो, संकटों और मुसीबतों से घिरा महसूस करें या निकट भविष्य में किसी अनिष्ट की आशंका हो तो उसे चतुर्थी का व्रत करना चाहिए। इससे इस लोक और […]
काल भैरव अष्टमी व्रत कथा पूजन विधि-विधान एवं माहात्म्य
भैरव अष्टमी व्रत (सौभाग्य प्राप्ति एवं पितरों के तर्पण के लिए) भैरव अष्टमी व्रत का माहात्म्य पुराणों में ऐसा उल्लेख में मिलता है कि भैरव भगवान् शिव के ही दूसरे रूप हैं। इसी दिन को दोपहर के समय शिवजी के प्रिय गण भैरवनाथ का जन्म हुआ था। भैरव से काल भी भयभीत रहता है, इसीलिए […]
कार्तिक पूर्णिमा / गंगा स्नान पर्व का महत्व एवं पौराणिक संदर्भ
कार्तिक पूर्णिमा / गंगा स्नान पर्व (मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए) कार्तिक पूर्णिमा / गंगा स्नान पर्व का माहात्म्य श्रद्धालुओं के लिए कार्तिक पूर्णिमा बहुत महात्त्वपूर्ण दिवस है। इस दिन गंगा स्नान तथा सायंकाल दीप दान का विशेष महत्त्व है। इसी दिन भगवान् विष्णु ने मत्स्यावतार ग्रहण किया था। ऐसा माना जाता है कि इसी […]
तुलसी विवाह व्रत कथा एवं माहात्म्य Tulsi Vivah Ka Mahatva in Hindi
तुलसी विवाह व्रत (स्त्रियों का व्रत : लोक-परलोक सुधार एवं यश, वैभव प्राप्ति के लिए) तुलसी विवाह व्रत का माहात्म्य प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी व्रत को महिलाएं तुलसी और शालिग्राम का विवाह कराती हैं। भारतीय नारी तुलसी को सौभाग्यदायिनी मानकर उसकी पूजा और व्रत करती हैं। तुलसी विवाह का उत्सव यूं […]
भैया दूज क्यों मनाया जाता है और यम द्वितीया पर्व का माहात्म्य
भैया दूज / यम द्वितीया पर्व (बहन द्वारा भाई के सुखी जीवन और लंबी आयु के लिए) भैया दूज / यम द्वितीया पर्व का माहात्म्य इस त्यौहार पर यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर बुलाकर सत्कार करके उसे भोजन कराया था, इसीलिए इस त्यौहार को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता […]
