Posted inVrat Kathayen

दीवावली / लक्ष्‍मी पूजन पर्व का महात्म्‍य और विधि-विधान

दीवावली / लक्ष्‍मी पूजन पर्व (ऋद्धि-सिद्धि, धन, वैभव प्राप्ति के लिए) दीपावली एवं लक्ष्‍मी पूजन का महात्म्‍य। दीपावली प्रतिवर्ष कार्तिक कृष्‍ण अमावस्‍या को हर्षोल्‍लास के साथ लक्ष्‍मी पूजन करके न केवल हमारे देश में, बल्कि विदेशों में भी मनाई जाती है। इस दिन भगवान् श्रीराम रावण का वध कर लंका विजय प्राप्‍त करके अयोध्‍या लौटे […]

Posted inVrat Kathayen

धन तेरस पर्व का माहात्म्‍य पौराणिक संदर्भ एवं पूजन विधि-विधान

धन तेरस पर्व (दीर्घायु एवं स्‍वस्थ जीवन हेतु) धन तेरस पर्व का माहात्म्‍य और क्‍यों मनाया जाता है। धनतेरस का त्यौहार दीपावली आने की पूर्व सूचना देता है। इद दिन भगवान् धन्वंतरी क्षीरसागर से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए वैद्य समाज हर्षोल्लास के साथ धन्वंतरी जयंती मनाता है। धनतेरस के दिन दीर्घायु और […]

Posted inVrat Kathayen

शरद पूर्णिमा व्रत कथा एवं पूजन विधि-विधान

शरद पूर्णिमा व्रत (मनोकामना सिद्धि के लिए) शरद पूर्णिमा व्रत का माहात्‍म्‍य शरद पूर्णिमा के विषय में विख्‍यात है, कि इस दिन कोई व्‍यक्ति यदि कोई अनुष्‍ठान करता है तो उसका अनुष्‍ठान अवश्‍य सफल होता है। तीसरे पहर इस दिन व्रत कर हाथियों की आरती करने पर उत्तम फल मिलते हैं। इस दिन के संदर्भ […]

Posted inAarti Sangrah

ओम जय जगदीश हरे आरती Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi

।। ओम जय जगदीश हरे ।। ओ3म् जय जगदीश हरे, स्‍वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे। जो ध्‍यावे फल पावे, दु:ख विनसे मन का। सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का। मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ में किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस करूँ मैं किसकी। तुम […]

Posted inAarti Sangrah

अम्‍बे तू है जगदम्‍बे काली – दुर्गा जी की आरती – Aarti Lyrics in Hindi

।। दुर्गा जी की आरती ।। अम्‍बे तू है जगदम्‍बे काली, जय दुर्गे खप्‍पर वाली, तेरे ही गुन गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती… तेरे भक्त जनों पर माता भीड़ है भारी, दानव दल पर टूट पड़ो, मां करके सिंह सवारी सौ-सौ सिंहों से है बलशाली, दस भुजाओं वालीं, दुखियों के दुखड़े […]

Posted inAarti Sangrah

जय अम्बे मैया – मां आम्बे की आरती – Maa Ambe Ki Aarti Lyrics in Hindi

॥ मां आम्बे की आरती ॥ जय अम्बे मैया जय मंगल मूर्ति, मैया जय आनन्द करणी, तुमको निश दिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ टेक ॥ मांग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को, उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्र, बदन नीको ॥ जय० ॥ कनक समान कलेश्वर, रक्ताम्बर राजै, रक्तंपुष्प गलमाला, कंठन पर छाजै ॥ जय० […]

Posted inAarti Sangrah

अथ श्री दुर्गा चालीसा – Ath Shri Durga Chalisa Lyrics in Hindi

॥ अथ श्री दुर्गा चालीसा ।। दोहा- जय दुर्गा भय हारिणी, शिवा सुमंगल रूप, जय अम्बे चण्डिका, महिला अमित अनूप ।। नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो अम्बे दुःख हरनी, निरंकार है ज्योति तुम्हारी, तिहूं लोक फैली उजियारी ।। शशि लिलाट मुख महाविशाला, नेत्र लाल भृकुटी विकराला, रूप मातु को अधिक सुहावे, दरश करत […]

Posted inVrat Kathayen

दुर्गा सप्तशती हवन विधान विधि एवं मंत्र सहित।

।। दुर्गा (सप्तशती) हवन विधान ।। नवरात्रि में अष्टमी की रात्रि को दुर्गा सप्तशती द्वारा हवन किया जाता है। सरल ग्रह सत्यानुसार गणेश स्मरण संकल्प, गणपति मातृका नवग्रह, रूद्र, कलश पूजन विधि पूर्वक भगवती की पूजा करके ब्रह्म पूजन ब्राह्मण वरणादि करावें पीछे आयार्च, कवचार्गला, कीलक तथा रात्रि सूक्त का पाठ करें कुशकांडिका करें और […]

Posted inVrat Kathayen

श्री दुर्गा नवरात्र व्रत कथा, पूजन सामग्री एवं व्रत विधि सहित

श्री दुर्गा नवरात्र व्रत कथा ।। श्री गणेशाय नमः ।। ।। घट स्‍थापना दुर्गा पूजन सामग्री ।। गंगाजल, रोली, मौली, पान, सुपारी, धूपबत्ती, घी का दीपक, फल, फूल की माला, विल्वपत्र, चावल, केले का खम्भा, बन्द्रनवार के वास्ते आम के पत्ते, चन्दन, घट, नारियल, सूर्योषधि हल्दी की गांठ, पंचरत्न, लाल वस्त्र, पूर्ण पात्र (चावल से […]

Posted inVrat Kathayen

रविवार व्रत कथा एवं पूजा विधि Sunday Ravivar Vrat Katha in Hindi

रविवार व्रत पूजा विधि सर्व मनोकानाओ की पूर्ति हैतु रविवार का व्रत श्रेष्ठ है । इस व्रत की विधि इस प्रकार है / प्रातः काल स्नान आदि से निवृत हो स्वच्छ वस्त्र धारण करे /शान्तचित्त होकर परमात्मा का स्मारण करे / भोजन तथा फलाहार सूर्य के प्रकाश रहते ही कर लेना उचित है। यदि निराहार […]

error: Content is protected !!